असम के राज्य प्रतीक – एक अनोखी सांस्कृतिक पहचान

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असम, भारत का एक आकर्षक राज्य, जो अपनी हरी-भरी वादियों, ब्रह्मपुत्र नदी की गोद में बसी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और विविध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यह राज्य अपने चाय बागानों, खूबसूरत पहाड़ियों और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असम के भी कुछ आधिकारिक राज्य प्रतीक हैं, जो इसकी पहचान को और भी विशेष बनाते हैं?

अगर आप असम के राज्य पशु, पक्षी, फूल, वृक्ष और अन्य सांस्कृतिक प्रतीकों के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है! आइए असम की अनूठी धरोहर से रूबरू होते हैं।


असम का राज्य पर्व – बिहू (Bihu) का उल्लास

असम की संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक “बिहू पर्व” है। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि असम के लोगों की परंपरा और खुशहाली का प्रतीक है।

🌾 तीन मुख्य बिहू उत्सव:

  1. बोहाग बिहू (रंगाली बिहू) – अप्रैल में मनाया जाता है, यह असमिया नववर्ष और फसल बुवाई की शुरुआत का प्रतीक है।
  2. काटी बिहू (कांगाली बिहू) – अक्टूबर में, यह फसल की देखभाल और खेतों की उर्वरता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
  3. माघ बिहू (भोगाली बिहू) – जनवरी में, फसल कटाई के बाद इसे स्वादिष्ट भोजन और उत्सवों के साथ मनाया जाता है।

यह पर्व असम की सांस्कृतिक पहचान और कृषि परंपराओं का शानदार उत्सव है!


असम का राज्य फूल – फॉक्सटेल ऑर्किड (कपोउ फूल) 🌸

🌺 कपोउ फूल (Foxtail Orchid), असम का राज्य फूल, जो अपनी सुंदरता और सुगंध से मन मोह लेता है।

✨ विशेषताएँ –
✅ गुलाबी और बैंगनी रंग के छोटे-छोटे फूलों का गुच्छा, जो लोमड़ी की पूंछ जैसा दिखता है।
✅ इसे “प्रेम, समृद्धि और शुभता” का प्रतीक माना जाता है।
✅ यह फूल बिहू पर्व के दौरान असमिया महिलाएँ अपने बालों में सजाती हैं।

इस फूल की खूबसूरती असम की संस्कृति में गहराई से रची-बसी है।


असम का राज्य पक्षी – सफेद पंखों वाला वुड डक (देव हंस) 🦆

असम का राज्य पक्षी सफेद पंखों वाला वुड डक है, जिसे स्थानीय भाषा में “देव हंस” कहा जाता है।

🕊 रोचक तथ्य:
✅ यह पक्षी भारत में दुर्लभ है और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है।
✅ मुख्य रूप से यह पक्षी घने सदाबहार जंगलों में पाया जाता है।
✅ यह शांतिप्रिय और सामाजिक पक्षी है, जो झीलों और नदियों के पास रहना पसंद करता है।
✅ असम राज्य चिड़ियाघर (Assam State Zoo) में इसे देखा जा सकता है।

अगर आप वन्यजीव प्रेमी हैं, तो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और मानस राष्ट्रीय उद्यान इस खूबसूरत पक्षी को देखने के लिए बेहतरीन जगहें हैं!


असम का राज्य पशु – एक सींग वाला गैंडा 🦏

असम का सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव एक सींग वाला गैंडा (One-Horned Rhinoceros) है। यह दुनिया में केवल कुछ ही जगहों पर पाया जाता है और असम के जंगलों की सबसे अनमोल धरोहर है।

🦏 इसकी खासियत:
✅ यह असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सबसे अधिक संख्या में पाया जाता है।
✅ यह दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है।
✅ इसके शरीर पर मोटी, कवच जैसी खाल होती है, जो इसे एक वीर योद्धा का रूप देती है।
✅ पूरे विश्व में मात्र 3000 एक सींग वाले गैंडे बचे हैं, जिनमें से 2000 से ज्यादा असम में हैं!

यह असम के वन्यजीवन की शान और पहचान है।


असम का राज्य वृक्ष – हालोंग वृक्ष (Hollong Tree) 🌳

असम का राज्य वृक्ष हालोंग (Hollong Tree) है, जिसे इसके मजबूत लकड़ी और ऊंचाई के लिए जाना जाता है।

🌳 रोचक तथ्य:
✅ यह उत्तर-पूर्व भारत के सबसे ऊंचे पेड़ों में से एक है, जिसकी ऊंचाई 150 फीट तक होती है।
✅ इसकी लकड़ी का उपयोग घर और नाव बनाने में किया जाता है।
✅ इसकी छाल में औषधीय गुण पाए जाते हैं।

असम की घनी हरियाली और जैव विविधता में इस वृक्ष का विशेष योगदान है।


असम का राज्य आदर्श वाक्य – ‘जय आई असम’

असम का आधिकारिक राज्य आदर्श वाक्य ‘जय आई असम’ (Joi Aai Axom) है, जिसका अर्थ है –

👉 “माँ असम की जय!”

✅ यह असम की पहचान और गौरव का प्रतीक है।
✅ यह नारा असमिया लोगों की मातृभूमि के प्रति भक्ति और प्रेम को दर्शाता है।


असम का राज्य गीत – ‘ओ मुर अपुनार देश’ 🎶

🎵 असम का राज्य गीत ‘ओ मुर अपुनार देश’ (O Mur Apunar Desh) है।

📜 महत्वपूर्ण जानकारी:
✅ इसे महान कवि लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ ने लिखा था।
✅ इसकी धुन कमला प्रसाद अग्रवाला ने बनाई थी।
✅ यह गीत असम की संस्कृति और देशभक्ति को दर्शाता है।
✅ इसे 1927 में असम के राज्य गीत के रूप में मान्यता मिली।


असम का राज्य नृत्य – सत्रिया नृत्य (Sattriya Dance) 💃

💃 असम का राज्य नृत्य सत्रिया नृत्य है, जो भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित एक पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य है।

🎭 इसकी विशेषताएँ:
✅ यह 15वीं शताब्दी में संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा विकसित किया गया था।
✅ इसमें नृत्य, नाटक और संगीत का शानदार मिश्रण है।
✅ यह भक्ति आंदोलन और वैष्णव संस्कृति से जुड़ा हुआ है।

यह असम की सांस्कृतिक धरोहर का एक अमूल्य रत्न है।

निष्कर्ष – असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

असम केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है।

✅ बिहू उत्सव से लेकर एक सींग वाले गैंडे तक,
✅ सफेद पंखों वाले देव हंस से लेकर कपोउ फूल तक,
✅ और हालोंग वृक्ष से लेकर सत्रिया नृत्य तक,

हर प्रतीक असम की अनोखी पहचान और समृद्ध संस्कृति को दर्शाता है।

यदि आप संस्कृति, इतिहास और प्रकृति के प्रेमी हैं, तो असम आपके लिए एक परफेक्ट पर्यटन स्थल हो सकता है! ⛰✨

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